Navratri 2026 Live Updates: नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है। माता शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। माता शैलपुत्री स्थिरता और शक्ति का प्रतीक हैं। माता की पूजा करने से भक्तों के जीवन में भी स्थिरता आती है। माता का पूजन आपके मूलाधार चक्र को भी जागृत करता है और जीवन में अच्छे बदलाव आपको देखने को मिलते हैं। आइए ऐसे में अब जान लेते हैं कि नवरात्रि के पहले दिन माता दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा कैसे करनी है और किन मंत्रों का जप करने से आपको लाभ मिलेगा।
माता शैलपुत्री की पूजा विधि और पूजन मुहूर्त
नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू हो जाएगा और पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा होगी। माता की पूजा के लिए 19 मार्च की सुबह 06:28 मिनट से 07:55 मिनट तक का समय सबसे शुभ रहेगा। इसी दौरान कलश स्थापना भी की जाएगी।
पूजा विधि
- मां शैलपुत्री की पूजा करने के लिए आपको सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। इसके बाद स्नान-ध्यान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
- माता को श्वेत वस्त्र अति प्रिय हैं इसलिए नवरात्रि के पहले दिन सफेद कपड़े पहनकर आपको माता की पूजा करनी चाहिए। सफेद वस्त्र न हों तो पीले वस्त्र भी आप धारण कर सकते हैं।
- इसके बाद आपको गंगाजल से पूजा स्थल को स्वच्छ करना चाहिए और घट स्थापित करना चाहिए।
- घटस्थापना के साथ ही नवरात्रि के व्रत का संकल्प भी आपको लेना चाहिए। फिर पूजा स्थल पर धूप-दीप जला लें।
- संकल्प लेने का बाद माता शैलपुत्री की पूजा शुरू करें।
- माता को सिंदूर, अक्षत, सफेद फूल, दूध या घी से बना मिष्ठान आदि आपको अर्पित करना चाहिए।
- पूजा के दौरान माता के मंत्र, कथा आदि का पाठ भी अवश्य करें।
- पूजा के अंत में माता शैलपुत्री की आरती का पाठ अवश्य करें।